इक दिन यूँहीं राह चलते ख़ुशी से मुलाकात हुई मेरी,
साथ साथ चलते ख़ुशी से दो बात हुई मेरी !
मेरे पास उसके लम्बे समय से न मिलने का गिला था,
उसके पास मेरी किस्मत से बुलावा न आने का शिकवा था !!
सोचा था उसका घर उसका पता पूछूंगी,
किस शहर में ह उसका ठिकाना पूछूंगी,
किस किस पे होती है वो फ़िदा पूछूंगी,
कब कब होती है वो खफा पूछूंगी !
गम दूर खड़ा हमें देख रहा था,
उसके किसी खास को किसी के करीब जाते देख रहा था !
मेरी बेवफाई उससे सही न गयी,
हमारे बीच आये बिना वो राह न सका !
ख़ुशी को गम के साये से भी थी नफरत,
एक साथ रहने की दोनों की ही निअही है फितरत !
उसके आते ही ख़ुशी ने मुझे कर दिया अलविदा,
अब किस्से बांटू मैं अपनी ये व्यथा !
अब किस्से बांटू मैं अपनी ये व्यथा !!
अब किस्से बांटू मैं अपनी ये व्यथा !!!
साथ साथ चलते ख़ुशी से दो बात हुई मेरी !
मेरे पास उसके लम्बे समय से न मिलने का गिला था,
उसके पास मेरी किस्मत से बुलावा न आने का शिकवा था !!
सोचा था उसका घर उसका पता पूछूंगी,
किस शहर में ह उसका ठिकाना पूछूंगी,
किस किस पे होती है वो फ़िदा पूछूंगी,
कब कब होती है वो खफा पूछूंगी !
गम दूर खड़ा हमें देख रहा था,
उसके किसी खास को किसी के करीब जाते देख रहा था !
मेरी बेवफाई उससे सही न गयी,
हमारे बीच आये बिना वो राह न सका !
ख़ुशी को गम के साये से भी थी नफरत,
एक साथ रहने की दोनों की ही निअही है फितरत !
उसके आते ही ख़ुशी ने मुझे कर दिया अलविदा,
अब किस्से बांटू मैं अपनी ये व्यथा !
अब किस्से बांटू मैं अपनी ये व्यथा !!
अब किस्से बांटू मैं अपनी ये व्यथा !!!
Awesome...Aise hi likhte raho....haal-e-Dil bayaan apna karte raho..
ReplyDeletenice...achcha likhti h aap..
ReplyDeleteloved..it khushi aur gam ki ek kahani...to sach .h usse....kavita mein pirona...its like gr8 job ..well done smita..keep it up
Deleteअच्छा लिखा है मनु...बहुत अच्छा लिखा है| यूँ ही लिखती रहो बराबर और निखार आएगा....
ReplyDeleteप्रोफाइल में लिखी हुई पंक्तियाँ बहुत ही अच्छी लगीं| खूब सारा स्नेह और आशीर्वाद... तुम में है बात|
Than you Sir.
Deleteand remove this word-verification thing from your blog-setting.it does not help, rather it restricts your reader from commenting....
ReplyDeleteAmazing Poem..Keep it up!
ReplyDeleteThank you Sir.
DeleteBeautiful Amazing ...... khushi aur gam ko koi aisa bhi vyakt kar sakta hai .... ye pehli bar pata laga. :)
ReplyDeleteख़ुशी को गम के साये से भी थी नफरत,
एक साथ रहने की दोनों की ही निअही है फितरत !
उसके आते ही ख़ुशी ने मुझे कर दिया अलविदा,
अब किस्से बांटू मैं अपनी ये व्यथा !
Hum apko ye bata dete hain ki ye vyatha apne bohat ache se baanti hai. :)
Too good.
Yaha thoda sa shabdo ko theek se nahi likha hai. Hindi k kuch shabd hain post karne se pehle use ache se padhna next time.
i like it......
Deletehappiness is short lived.
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